Thursday, September 19, 2019

Short Essay on Independence Day in Hindi  स्वतन्त्रता दिवस पर निबंध

Short Essay on Independence Day in Hindi स्वतन्त्रता दिवस पर निबंध

Short Essay on Independence Day in Hindi  स्वतन्त्रता दिवस निबंध 

(पन्द्रह अगस्त) हमारे देश में अंग्रेज व्यापार करने आये थे। बाद में वे यहां राज्य करने लगे। लगगग २०० वर्षों तक उन्होंने भारत में राज्य किया।

Short Essay on Independence Day in Hindi

१५ अगस्त सन् १९४७ को भारत स्वतन्त्र हुआ। अंग्रेज हमारे देश के नेताओं के हाथों में राज्य सौंपकर विलायत चले गये। इसीलिए यह दिन 'स्वतन्त्रता दिवस' (आजादी का दिन) कहलाया।
स्वतन्त्रता-दिवस हर साल सारे देश में मनाया जाता है। इस दिन सारे बाजार, कारखाने और कार्यालय (दफ्तर) बन्द रहते हैं। स्कूल-कालेज भी बन्द रहते हैं।

इस दिन भारत के प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लालकिले पर राष्ट्रीय-ध्वज फहराया जाता है। प्रधान मंत्री का भाषण सुनने लाखों लोग इकट्ठे होते हैं।

प्रधानमंत्री अपने भाषण में स्वाधीनता का महत्व बतलाते हैं। वे जनता को देश की उन्नति के लिए परिश्रम करने का संदेश देते हैं। स्वतन्त्रता के प्रतीक हमारे तिरंगे राष्ट्रीय-ध्वज को इक्कीस
तोपों की सलामी दी जाती है। भारत के हर नगर और गांव में, अपने-अपने ढंग से स्वतन्त्रता-दिवस मनाया जाता है।

प्रदेशों (राज्यों) की राजधानियों में राज्यपाल (गवर्नर) ध्वज फहराते  और भाषण देते हैं। हमारा देश सदा स्वतन्त्र रहे यही हमारी प्रार्थना है।

Read Essay on Republic Day in Hindi | गणतंत्र दिवस पर निबंध



5 Lines on Postman in Hindi

5 Lines on Postman in Hindi


Short essay on Postman in Hindi : डाकिया (पोस्टमैन) अचानक साइकिल की घंटी बजती है। फिर आवाज आती है-'डाक ले लो' या 'पोस्टमैन' । इसके गले में एक थैला लटकता रहता है । उसमें कार्ड, लिफाफे, अन्तर्देशीय पत्र, धनादेश (मनीआर्डर), पार्सल, रजिस्ट्री, समाचार-पत्र आदि भरे हुए होते हैं।

5 Lines on Postman in Hindi

5 Lines on Postman in Hindi for class 1,2,3,4,5,6

डाकिया अपने इलाके के सब लोगों के नाम जानता है। यह भी जानता है कि कौन कहां रहता है। 

बड़े डाकघर से पत्र आदि लेकर यह सवेरे ९ बजे चल पड़ता है। क्रमवार सबकी चिट्ठियां आदि बांटता हुआ यह फिर डाकघर चला जाता है।

गांव में डाक बांटने वाला गश्ती डाकिया कहलाता है।

यह डाकघर से चिट्ठियां आदि लेकर बाइसिकल पर या पैदल ही चल पड़ता है।

यह गांव के लोगों से अच्छा बर्ताव करता है। यह कई बार उन्हें चिट्ठियां पढ़कर भी सुना देता है।

आजकल बड़े शहरों में डाकिया दिन में दो बार और कहीं-कहीं तीन बार आता है। डाकिया वास्तव में जनता की बहुत सेवा करता है।


5 Lines on Tiger in Hindi

5 Lines on Tiger in Hindi


Short essay on Tiger in Hindi बाघ पर निबंध 
भारत का राष्ट्रीय पशु-चीता सिंह के शरीर का एक ही रंग होता है। चीते के शरीर पर धारियां होती हैं। सिंह का शरीर मोटा और भारी होता है। चीते का पतला और हल्का। सिंह का मुंह चौड़ा होता है और उसकी गर्दन पर आयल (लम्बे बाल) या केसर होता है।

5 Lines on Tiger in Hindi

5 Lines on Tiger for class 1,2,3,4,5,6,7,8
चीते का मुंह छोटा होता है और उसकी गर्दन पर अयाल नहीं होता। 

सिंह जब दहाड़ता है तो सारा जंगल कांप उठता है। परन्तु चीते की आवाज ऐसी भयंकर नहीं होती। सिंह सीधा चलता है और सामने से आक्रमण करता है । 

चीता टेढ़ी चाल चलता है और छिपकर अचानक हमला करता है।

सिंह अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध है। चीता अपनी फुर्ती और चालाकी के लिए। सिंह काफी तेज दौड़ता है। पर चीते की छलांग सिंह से अधिक लम्बी होती है और दौड़ने का वेग अधिक होता है।

सिंह दिन में शिकार करता है। भूख मिटाने के बाद वह आंखें मूंद कर सुस्त पड़ा रहता है। चीता दिन-भर मांद में छिपा रहता है। रात के समय वह गांव या नगर के पास जाकर बकरी, भेड़, बछड़े, गाय, बैल, भैंस आदि को उठा ले जाता है।
फिर एकान्त में बैठकर उसे मारकर खाता है। चीता फुर्ती, चतुराई, साहस और तेजी का प्रतीक है। इसलिए इसे राष्ट्रीय पशु माना गया है।

यह भी पढ़ें :

कुत्ता पर निबंध
Short essay on Self Confidence in Hindi | आत्मविश्वास पर निबंध

Short essay on Self Confidence in Hindi | आत्मविश्वास पर निबंध



Short essay on Self Confidence in Hindi | आत्मविश्वास पर निबंध 
आत्मविश्वास (अपना भरोसा) आत्मविश्वास का ज्ञान होते ही मनुष्य में दुगुना बल आ जाता है। हनुमान् जब अपने साथियों के साथ सीता की खोज में निकले तो पहाड़, जंगल, मैदान छान मारे; परन्तु सीता का - पता न लगा। आगे समुद्र आ गया। सब थककर चूर हो चुके थे।

Short essay on Self Confidence in Hindi

वहीं धम्म से बैठ गये। वे सोचने लगे कि अब क्या करें ? उस समय जाम्बवान् ने ललकारा। उसने हनुमान् के आत्मविश्वास को जगाया। आत्मविश्वास का बोध होते ही हनुमान् की शक्ति के सामने समुद्र की शक्ति तुच्छ हो गई। अपनी बाँहों के बल पर हनुमान् समुद्र को तैरकर लंका में जा पहुँचे।

आत्मविश्वासी चाहे लकड़हारा हो या लुहार, किसान हो या गड़रिया, वैज्ञानिक हो या नाविक-वह भरोसे का आदमी होता है। वह इज्जत के लायक आदमी होता है। वह आत्मविश्वासी दृढ़ मनुष्य होता है। वह फौलाद का बना हुआ होता है। ऐसा मनुष्य अपनी पत्नी तथा बच्चों के लिए आवश्यकता पड़ने पर अपना सारा धन लुटा सकता है।

अपने पड़ोसियों के लिए वह जी खालकर खर्च कर सकता है। अपने देश और देशवासियों के लिए वह सारे जीवन की कमाई कुर्बान कर सकता है। भामाशाह ने ऐसा ही किया था। आत्मविश्वासी विद्यार्थी को अपनी सफलता पर अटूट विश्वास होता है। वह कमजोर विद्यार्थी की उदारता से सहायता करता है।

आत्मविश्वासी मजदूर नौसिखिये को काम का ढंग सिखाकर अपना मित्र बना लेता है। आत्मविश्वासी कारीगर बहुत से नये कुशल कारीगर तैयार कर देता है।

आत्मविश्वास के बल पर एक व्यापारी थोड़ी पूंजो से व्यापार चलाकर बड़े से बड़ा उद्योग खड़ा करने में सफल हो जाता है। वह आत्मविश्वास के ही बल पर अनगिनत लोगों के लिए जीविका के साधन पैदा कर देता है। जीविका यानी रोजगार देने से बढ़कर सहायता दूसरी नहीं हो सकती।

आत्मविश्वास से अपनी सहायता आप करने की हिम्मत पैदा होती है। आत्मविश्वास के बल पर मनुष्य कठोर-से-कठोर धरती पर भी हल चला लेता है। आत्मविश्वासी कहता है'मुझे कठिन काम दीजिए। मैं उसे करूंगा।'

 यह भी पढ़ें :


Wednesday, September 18, 2019

Short Essay on My Best Friend in Hindi | मेरा मित्र पर निबंध

Short Essay on My Best Friend in Hindi | मेरा मित्र पर निबंध


Short Essay on My Best Friend in Hindi - मेरा मित्र मनमोहन मेरा सब से अच्छा मित्र है। वह मातापिता का आज्ञाकारी है। अध्यापकों पर पूरी श्रद्धा रखता है। उनका आदेश मानता है । वह सदा सार सुथरे कपड़े पहनता है। प्रतिदिन पाठ याद करके आता है। हम दोनों एक डैस्क पर साथ-साथ बैठते हैं। 

Short Essay on My Best Friend in Hindi

वह कभी किसी की निन्दा नहीं करता। कभी गाली नहीं निकालता । मैंने उसे कभी भी क्रोध में भरे हुए नहीं देखा। मैंने कभी उससे गुस्सा भी किया, तो भी वह मुस्कराता रहता है। वह पैसे व्यर्थ नहीं खर्चता, मुझे भी सदा कम खर्च करने के लिये समझाता रहता  एक दिन ज्वर होने के कारण मैं विद्यालय न जा सका।
वह छुट्टी होते ही सीधा मेरे घर आया। मेरा हाल-चाल पूछकर एक घण्टे तक मेरे पास बैठा रहा। वह कहने लगा कि मेरा बुखार कल तक उतर जायेगा।
मेरे माता-पिता मनमोहन से बहुत स्नेह करते हैं। उसकी संगति से भी लड़का सुधर सकता है । प्रभु उसे दीर्घायु करें। वह जीवन में सफलता प्राप्त करे।



5 Lines on My School in Hindi

5 Lines on My School in Hindi


5 sentences about my school in Hindi - मेरा स्कूल मेरे स्कूल में आठ सौ विद्यार्थी पढ़ते हैं। उसमें दस श्रेणियां हैं । उसका भवन बहुत सुन्दर है। बीचबीच में घास वाले छोटे-छोटे क्षेत्र हैं। मुख्याध्यापक का कमरा अलग है। उसके बाहर एक सेवक बैठा रहता है। 

5 Lines on My School in Hindi

5 Lines on My School in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th 

स्कूल के कार्यालय में चार क्लर्क हैं । हरएक श्रेणी के दो-दो भाग (सैक्शन) हैं। प्रत्येक भाग में लगभग चालीस विद्यार्थी हैं। हर एक कमरे में अध्यापक के लिये कुर्सी और मेज हैं। विद्यार्थी बैंचों पर बैठते हैं। सामने की ओर एक काला बोर्ड होता है । जिस पर अध्यापक चाक से लिखकर समझाते हैं । गर्मियों में छत के पंखे चलते हैं।

मेरे स्कूल में पच्चीस अध्यापक हैं। वे हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी, गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन आदि विषय पढाते हैं। वे बड़ी लगन से पढ़ाते हैं। मेरे स्कल के मुख्याध्यापक बड़े योग्य व्यक्ति हैं। उनका स्वभाव बड़ा मधुर है। मेरे स्कूल में विद्यार्थी साफ-सुथरे कपड़े पहनकर स्कूल में आते हैं। हमारे स्कूल में एक पुस्तकालय भी है।

मेरे स्कूल में पानी पोने और शौच आदि जाने के लिए अलग स्थान बने हैं। कागज, छिलके आदि फेंकने के लिए कोनों में डोल रखे हुए हैं।

मेरे स्कूल की पढ़ाई अच्छी है। परीक्षाओं के परिणाम उत्तम हैं। यहां के विद्यार्थी भाषण और कविता प्रतियोगिता में भाग लेते हैं।

हमारे स्कूल में सप्ताह में एक दिन बाल-सभा होती है। हमारे स्कूल के पास ही दो क्रीड़ा-क्षेत्र हैं। विद्यार्थी खेलों में उत्साह से भाग लेते हैं। उन्होंने कई मैच जीते हैं। इस स्कूल में पढ़ते हुए मुझे बड़ी प्रसन्नता होती है।


5 Lines on my Favourite Book in Hindi

5 Lines on my Favourite Book in Hindi

5 Lines on my Favourite Book in Hindi
5 Lines on my Favourite Book in Hindi

मेरी पुस्तक मेरी पुस्तक ही मेरा सच्चा साथी है। मैं इससे बहुत प्यार करता हूं। मैं इसे बहुत संभाल कर रखता हूं। मैंने इस पर स्याही के धब्बे नहीं लगाए । इसके पृष्ठ मैले नहीं किये। मेरी पुस्तक में आठ पष्ठ हैं ।
मैंने इसे एक रुपये में खरीदा था। यह सुन्दर टाईप में छपी है। इसका कागज सफेद है।
मैं अपनी पुस्तक को बड़ी सावधानी से स्कूल ले जाता हूं। जब अध्यापक पढ़ाते हैं तो अपना इस पुस्तक में ध्यान लगाता हूं। घर जाकर अपनी पुस्तक में से पाठ याद करता हूं।
यह हिन्दी की पुस्तक है । इसमें कई पाठ हैं। कुछ कविताएं भी हैं। एक कविता में मातृभूमि की स्तुति है। पांच कहानी हैं। कहानियां मुझे अच्छी लगी हैं। मैंने ये कहानियां अपनी छोटी बहन को सुनाई हैं। इसके पाठों में अच्छी शिक्षा और ज्ञान की बातें हैं। मेरी पुस्तक की कविता सरल है। इसमें कहीं-कहीं कठिन शब्द भी हैं । उनके अर्थ हर एक पाठ के पीछे दिये हैं।
मैं इस पुस्तक की परीक्षा देकर अच्छे अंक ले सकता हूँ। मेरी पुस्तक मेरी गुरु है।



Saturday, September 14, 2019

Essay on Importance of Sports in Hindi | जीवन में खेलों का महत्व पर निबंध

Essay on Importance of Sports in Hindi | जीवन में खेलों का महत्व पर निबंध


Essay on Importance of Sports in Hindi
______________________________

खेलों का महत्व उछलते-कूदते हए हँसमुख बच्चों को जिसने देखा है, उसे पता है कि खेल क्या वस्तु है। कवड्डी, मल्ल-युद्ध, गेंद-बल्ला, हॉकी, फुटबॉल, टेनिस, तैरना, दौड़ना, आंख-मिचौनी, वक्षों पर चढ़ना, गुल्ली-डण्डा आदि अनेक प्रकार के खेल हैं। खेलों से व्यायाम और मनोरंजन दोनों साथ-साथ होते हैं। जिसका मन कहीं पर भी एकाग्र नहीं होता, उसका मन खेलों में पूरी तरह लग जाता है। खिलाड़ी अपने आपको भी भूल जाता है।
खेलने वाला व्यक्ति जितनी देर खेलता है उतनी देर के लिए  वह संसार के सारे झंझटों को भूल जाता है, वह निक हो जाता है, इसलिए उसके स्वास्थ्य में बड़ी उन्नति होती है। उसका मन सदा प्रसन्न रहने लगता है। उसका स्वभाव मघर बन जाता है। उसमें फुर्ती आ जाती है। इसलिए सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। कई अच्छे खिलाड़ी तो केवल खिलाड़ीपन के नाते ही नौकरियां पा जाते हैं।
खेलना बालक-बालिकाओं को सबसे अधिक प्रिय होता है।

Essay on Importance of Sports in Hindi

कितनी भी भूख लगी हो, कितना ही आवश्यक कार्य हो, वे खेल को कभी न छोड़ेंगे। माता-पिता पुकारते-पुकारते थक जाते हैं, पर वे आने का नाम तक नहीं लेते। कई विद्यार्थी खेल को पढ़ाई में बाधक समझते हैं। परन्तु यह उनकी भूल है। खेल से बिल्कुल विमुख रहने वाले पुस्तकों के कीड़े विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य से हाथ धो बैठते हैं । सदा खेलों में ही व्यस्त रहना अच्छा नहीं, पर शरीर में स्फूर्ति उत्पन्न करने के लिए तथा मस्तिष्क को ताजा करने के लिए नियमपूर्वक थोड़ा-सा खेलना बहत आवश्यक है।

जिस जाति के लोग खेलों की महत्ता को समझते हैं और नियमपूर्वक खेलते हैं उस जाति के लोग पुरुषार्थी होते हैं । वे दिन-भर काम करते हए थकते नहीं। उनकी आयु लम्बी होती है । क्योंकि वे प्रतिदिन खेल-कदकर ताजा हो जाते हैं । यूरोपीय जातियां प्रतिदिन खेलना अपना मुख्य कर्तव्य समझती है, यहा कारण है कि वे इतनी उन्नत हैं। भारतवासी भी बड़े माने हुए खिलाड़ी हुमा करते थे, पर एक समय ऐसा आया, जब उपयोगी कार्य को केवल बच्चों के ऊपर छोड़कर स्वय।

बच्चों के ऊपर छोड़कर स्वयं दिन-रात व्यापार-धन्धे आदि में फंस गए, इसलिए उनकी अवनति हो गई। पर अब वे फिर से सचेत हुए हैं और खेलों में पूरा भाग। लेने लगे हैं। हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, मल्लयुद्ध और तैराकी इनमें भारत के खिलाड़ी सारे संसार में अग्रणी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। अन्य खेलों में भी वे अब खूब भाग लेने लगे हैं

खेलों का सबसे बढ़कर लाभ यह है कि उनसे लोगों में बांकापन, उदारता और सहनशीलता आदि गुण बढ़ते हैं। ये गुण नैतिक, सामाजिक और राजनीतिक उन्नति के लिए बहुत आवश्यक हैं। बाँके खिलाड़ियों, सहनशील नेताओं, वीर सैनिकों और ईमानदार कार्यकर्ताओं से देश आगे ही आगे बढ़ता जाता हैं।

यह भी पढ़ें - गणतंत्र दिवस पर निबंध

Thursday, September 12, 2019

5 lines on Republic Day in Hindi

5 lines on Republic Day in Hindi

5 sentences about Republic day in Hindi - छब्बीस जनवरी को सारे देश में गणतन्त्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारे लिए बड़ा शुभ है। इस दिन हमारा देश गणतन्त्र बना। गणतन्त्र का अर्थ है जनता का राज्य। भारत को स्वतन्त्रता तो १५ अगस्त, १९४७ को ही मिल गई थी। परन्तु जब सारे नियम बनाकर संविधान पुस्तक तैयार कर दी गई, तब २६ जनवरी, १९५० के दिन भारत को पूरी तरह स्वतन्त्र गणराज्य बना दिया गया। 


5 lines on Republic Day in Hindi


5 lines on Republic Day in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th



सारे संसार में इसकी घोषणा हो गई उस दिन से भारत पूरी तरह से स्वतन्त्र है और यहां जनता का अपना राज्य है। कोई भी मनुष्य भारत का राष्ट्रपति बन सकता है। सब से पहले राष्टपति राजेन्द्रबाबू थे। वे बिहार के एक गांव के किसान के लड़के थे । परन्तु अपनी योग्यता के कारण राष्ट्रपति बनाये गए थे। उस दिन से २६ जनवरी का दिन प्रतिवर्ष बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है।

दिल्ली शहर को तो २६ जनवरी के दिन दुल्हिन की तरह सजाया जाता है। लोग सवेरे अन्धेरे ही में उठकर इण्डिया गेट की तरफ चल पड़ते हैं। सब सुन्दर रंग-बिरंगे कपड़े पहने हुए होते हैं । बालिकायें हंसती हैं और बालक मुस्कराते हैं। नन्हे बच्चे किलकारियां मारते हैं। स्त्री-पुरुष सभी आनन्द में मग्न होते हैं।

ठीक समय पर राष्ट्रपति महोदय विजय चौक में झंडा फहराते हैं। तब तोपें चलाई जाती हैं। फिर राष्ट्रपति की सवारी इण्डिया गेट की तरफ चल पड़ती है। लाखों लोग इस जलस को देखते हैं। राष्ट्रपति को बग्घी के पीछे जल-सेना, वायू-सेना और स्थलसेना के जवान होते हैं। फिर हाथियों, हथियारों के जलूस और कई तरह की झांकियां होती हैं।

झांकियों के पीछे स्कूलों के बच्चों की कतार होती हैं। हम लोग अनुशासन में चलते हैं। इस जलस से सबके मन में खुशी की लहर दौड़ जाती है। लोगों के मंह से निकलता है-भारत गणतन्त्र अमर रहे।


5 Lines on Diwali in Hindi

5 Lines on Diwali in Hindi

Short Essay on Diwali in Hindi - दीपावली पर निबंध - दिवाली दिवाली शब्द दीपावली शब्द से मिलकर बना हुआ है। जिसका मतलब है दीपों की माला। ये भारत का सबसे बड़ा त्योहार है। दीपावली कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया बड़ी धूम –धाम से मनाया जाता है। 


5 Lines on Diwali in Hindi

5 Lines on Diwali in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th
दिवाली से एक दो दिन पूर्व लोग अपने घरों की सफाई पुताई करते हैं। कूड़ा-करकट बाहर निकालते हैं एवं सफ़ेदी करवाते हैं। घरों को सुंदर चीज़ों से सजाते हैं।

बाजारों में तरह - तरह  की मिठाइयां सजी हुई होती हैं। बच्चे नए सुंदर कपड़े पहनकर अपने माता, पिता, भाई, बहिन, आदि के साथ बाजार जाकर मिठाइयां, गुब्बारे, पटाके ,मोमबत्तियां आदि खरीदकर लाते हैं। इन्ही दिनों सभी ख़ुश दिखाई देते हैं

दिवाली वाले दिन शाम होते ही लोग घरों के ऊपर तेल के दिये या मोमबत्तियां जलाते हैं। कुछ लोग बिजली की लड़ियों का प्रकाश करते हैं। उस समय चारों तरफ बड़ी सुन्दर दीपमाला दिखाई देती है। सभी मिल जुल कर मिठाइयां खाते हैं एवं पटाखे चलाये जाते हैं। 

लंका के दैत्य राजा रावण को मारने के पश्चात श्री रामचन्द्र जी सीता माता को इस दिन अयोध्या में वापिस लौटे थे। तब अयोध्या में लोगों ने ख़ुशी में घी के दीये जलाये एवं दीपमाला की थी। उसी दिन की याद में दिवाली का त्योहार मनाया जाता है।

दिवाली के दिन कुछ लोग जुआ खेलते हैं एवं शराब आदि का नशा करते हैं जो के बिल्कुल गलत है। दिवाली उमंग एवं उत्साह का त्योहार है हमें इसे ख़ुशी –ख़ुशी मनाना चाहिए।




Wednesday, September 11, 2019

5 lines on Raksha Bandhan in Hindi

5 lines on Raksha Bandhan in Hindi

5 sentences about Raksha Bandhan in Hindi रक्षाबंधन बड़ा स्नेह भरा पवित्र त्योहार है, इसे राखी (रखड़ी) भी कहते हैं। यह पर्व सावन महीने की पूर्णमासी को मनाया जाता है। इसे श्रावणी भी कहते हैं।

5 lines on Raksha Bandhan in Hindi

5 lines on Raksha Bandhan in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th

इस दिन बहनें सुन्दर-सुन्दर वस्त्र पहनकर अपने भाइयों के हाथ में राखी बांधती हैं। यदि भाई दूर हो तो लिफाफे में डाक द्वारा भेज देती हैं। भाई बहिन को कुछ देता है।

बहनें फूली नहीं समातीं। कई ब्राह्मण भी दूसरों के हाथ में राखी बांधते हैं। राखी मौली की होती हैं। किनारी, रेशम, फूल, बिन्दी आदि से भी बनाई जाती हैं। राखी के धागों में भाई-बहिन के स्नेह की भावना भरी हुई होती है।

कई बार किसी और को भाई बनाकर नारियां पाखी बांधती हैं। राजपूताने की एक रानी ने हमा! को राखो भेजकर अपने देश की रक्षा के लिए बलाया था।

यह प्राचीन पर्व है । इस दिन लोग जनेऊ बदलते हैंयज्ञ करते हैं। अपने पवित्र ग्रन्थों को पढ़ते हैं। रक्षाबन्धन को बड़ उत्साह से मनाना चाहिये।




5 Lines on Holi in Hindi

5 Lines on Holi in Hindi

5 sentences about Holi in Hindi - होली का त्यौहार फागुन महीने की पूर्णमासी को मनाया जाता है। 

इसमें एक-दूसरे पर रंग डालते हैं, सूखा रंग मलते हैं। रंग पानी में घोलकर पिचकारी चलाने से बड़ा आनन्द आता है। 

सबके मन मस्त हो जाते हैं। लोग नाचते-गाते और स्वांग रचते हैं। आपस में गले मिलते हैं।

5 Lines on Holi in Hindi

5 Lines on Holi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th 

कई बच्चे और कई बड़े भी, मिट्टी उड़ाते, कालिख मलते, गालियां निकालते, भद्दे शब्द बोलते हैं। कभीकभी लड़ाई-झगड़ा हो जाता है। कुछ लोग नशा पीते हैं। ये बुरी बातें हैं।

होली खुशी मनाने का पर्व है। इस दिन पुराना वैर भुलाना चाहिए। रूठे हुए को मनाना चाहिये। इस समय चने के खेत लहलहा रहे होते हैं।

होली के दिन चने की होला भी भूनते हैं। कहते हैं कि हिरण्यकश्यप की बहन होलिका थी।
अत्याचारी हिरण्यकश्यप के कहने पर होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर चिता में बैठ गई थी। 

पर होलिका तो जल गई, प्रह्लाद बच गया। होली उस प्राचीन घटना की भी याद दिलाती है।



5 lines on spring season in Hindi

5 lines on spring season in Hindi


5 sentences about Spring Season in Hindi वसंत ऋतु एक वर्ष (साल) में बारह महीने होते हैं।

छ: ऋतुएं होती हैं। दो-दो महीने की हरएक ऋतु की शोभा निराली है। चैत और बैसाख में वसन्त ऋतु होती है। अंग्रेजी के मार्च-अप्रैल महीने होते हैं । इस ऋतु में दिन और रात एक जितने होते हैं।

5 lines on spring season in Hindi

5 lines on spring season in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th

वसन्त ऋतु बड़ी सुहावनी है।

इसे ऋतुराज भी कहते हैं । इस ऋतु में नए-नए पत्ते और फूल निकलते हैं।

फूलों पर भौरे गूंजते हैं। खेत हरे-भरे होते हैं। मन्द-मन्द वायु बहती है। उसमें सुगन्धि होती है।

आकाश साफ हो जाता है । आम के वृक्षों पर बोर आ जाता है। कोयल मीठे स्वर में कुह-कह करती है।
इन दिनों सब में प्रसन्नता और मस्ती छा जाती है।

होली, रामनवमी और वैसाखी के त्यौहार इसी ऋतु में होते हैं।
वसन्त ऋतु में सैर करने से सेहत अच्छी बनती शरीर में नया लहू पैदा होता है।

अंग-अंग खिल पाले और सर्दी का बस अन्त हो जाता है। ने गीता में कहा है कि ऋतुओं में मैं वसन्त हूं
5 lines on Delhi in Hindi

5 lines on Delhi in Hindi

5 sentences about Delhi in Hindi - दिल्ली दिल्ली भारतवर्ष की राजधानी है। यह बहुत प्राचीन नगर है। महाभारत के समय इसका नाम इन्द्रप्रस्थ था। यह कई बार उजड़ी और कई बार बसी। पुरानी दिल्ली के साथ-साथ नई दिल्ली बसी है । दूर-दूर तक कई नई बस्तियां भी बन गई हैं।

5 lines on Delhi in Hindi


5 lines on Delhi in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th 


नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति रहते हैं। प्रधान मन्त्री भी रहते हैं। केन्द्रीय सरकार के कार्यालय यहां हैं । ‘पालियामेंट (संसद भवन) भी यहां है। अनेक देशों के दूतावास भी यहीं हैं।

दिल्ली यमुना के दायें किनारे पर बसी हुई है। यहां का पुराना लाल किला प्रसिद्ध है । बिरला मंदिर तथा और अनेक स्थान देखने योग्य हैं। यहां कई पुरानी ऐतिहासिक इमारतें हैं। कुतुब मीनार प्रसिद्ध है
दिल्ली की आबादी दिनों-दिन बढ़ती जाती है। इस समय ७० लाख है।
यहां तीन विश्वविद्यालय हैं। बहुत से कालिज और स्कूल हैं। जिनमें और देशों के विद्यार्थी भी पढ़ते हैं। यहां पालम हवाई अड्डा है।
विदेशों के अनेक यात्री दिल्ली में आते रहते हैं।

5 Lines on Train in Hindi

5 Lines on Train in Hindi

रेलगाड़ी रेलगाड़ी धड़धड़ाती हुई आती है। यह लोहे की पटरियों पर दौड़ती है। इसके आगे इंजन लगा हुआ होता है। इंजन रेल के डिब्बों को खींचता है।

5 Lines on Train in Hindi

5 Lines on Train in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10th

इंजन में कोयले जलते हैं ।

उनसे पानी गर्म होकर भाप बनती है।

भाप से इंजन में चलने की शक्ति पैदा होती है।

आजकल इंजन डीजल और बिजली से भी चलते हैं ।

इंजन पभ-पभ करता है । इंजन काला होता है।

इंजन चलाने वाले को ड्राइवर कहते हैं।
इंजन में ड्राइवर के तीन-चार सहायक भी होते हैं।

वे भट्ठी में कोयला डालते हैं तथा जरूरी काम करते हैं।

बिजली या तेल से भी गाड़ियां चलती हैं। एक रेलगाड़ी में कई डिब्बे होते हैं। पिछले डिब्बे में गार्ड होता है । वह स्टेशन के प्लेटफार्म पर उतर कर स्टेशन मास्टर से अनुमति लेकर सीटी बजाता है और हरी झण्डी दिखाता है।
तब ड्राइवर इंजन से आवाज करके इंजन चला देता है।

गाड़ी चल पड़ती है । लाल झण्डी दिखाने से ड्राइवर इंजन रोक लेता है।

गार्ड रात के समय लालटेन या टार्च से हरी या लाल झण्डी दिखाता है। रेलगाड़ी बड़ी तेज चलती है।

आजकल कई गाड़ियां एक घंटे में सौ किलोमीटर तक दौड़ती हैं।

हम स्टेशन पर जाकर टिकिट देने वाले बाबू से टिकट मोल लेकर रेलगाड़ी में बैठते हैं ।

Short Essay on Bangles in Hindi | चूड़ियां पर निबंध

Short Essay on Bangles in Hindi | चूड़ियां पर निबंध

 चूड़ियां झनझनाती चूड़ियां ! अहा ! इनका नाम सुनते ही नन्हीं बालिकाएं खिल उठती हैं। कल तीजों का त्यौहार था। प्रभा की माता ने उसे बड़ी सुन्दर चूड़ियां पहनाई। नए वस्त्र तथा चूड़ियां पहने प्रभा भागी-भागी अपनी सखी ममता के घर दिखाने गई। वह भी लाल तथा हरे रंग की चूड़ियां पहने हुए थी।

Short Essay on Bangles in Hindi

फिर दोनों सहेलियां झूला झूलने लगी। चूड़ियों की मीठी झनझन पास खड़ी सभी सहेलियों के मन को मोह रही थी। सारी लड़कियां अपनी-अपनी चूड़ियों की सराहना कर रही थीं। फिर वे खेलने लगीं।
खेल-खेल में अन्नु ने नीलम की बांह पकड़ी कि उसकी कांच की चूड़ी टूट गई । नीलम की कलाई से लहू बहने लगा। सब छोटी बालिकाएं घबरा गई ।
एक बड़ी सेहेली ने समझाया कि घबराओ मत, अभी लहू बन्द हो जायेगा। जैसे फूट में कांटा होता है वैसे ही हंसी-खेल में यह कष्ट है। यह कोई बड़ी बात नहीं। चूड़ियां पहनने से टूट ही जाती हैं। उसने पानी मंगाकर लहू धो दिया और पट्टी बांध दी।
चूड़ियां प्लास्टिक, कांच, बिल्लौर, गेंडे, लोहे, चांदी, सोने आदि की बन। सोने की चूड़ी का मूल्य अधिक होता है
चूड़ियां विवाहित स्त्रियों के सुहाग की निशानी होती है