Tuesday, September 15, 2020

Essay on Pigeon in Hindi कबूतर पर निबंध

Essay on Pigeon in Hindi कबूतर पर निबंध

Essay on Pigeon in Hindi

कबूतर एक शांत स्वभाव का एक सुंदर पक्षी होता है जो बड़ा ही आकर्षक देखने में लगता है। पुराने जमाने में राजा महाराजा कबूतरों को पाला करते थे इसलिए उस समय से ही कबूतरों को पालतू पक्षी के रूप में पाला जाता है।

10 Lines on Pigeon in Hindi
1.     कबूतर बड़ा ही सुंदर पक्षी होता है
2.     कबूतर का रंग सफेद, भूरा और सलेटी रंग का होता है
3.     संसार भर में कबूतरों की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती है
4.     पुराने समय में लोग चिट्ठियां भेजने के लिए कबूतरों का सहारा लिया करते थे।
5.     कबूतर चिट्ठी को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते थे
6.     कबूतर ऊंची उड़ान भर सकता है।
7.     कबूतर को शांति का प्रतीक माना गया है क्योंकि यह दूसरे पक्षियों की तरह शोर नहीं मचाते।
8.     कबूतर का जीवन काल से 10 वर्ष तक होता है।
9.     इसकी चोंच छोटी सी होती है।
10. कबूतर अनाज फलों के बीज आदि खा लेता है।

Essay on Pigeon in Hindi कबूतर पर निबंध 

कबूतर शाकाहारी पक्षियों की श्रेणी में आता है। उस जमाने में राजा महाराजा अपनी चिट्ठियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए कबूतरों पाला  करते थे इसके अलावा कबूतर को शांति और स्मरण शक्ति का प्रतीक भी माना गया है।


कबूतर एक छोटे आकार का पक्षी होता है जिसका वजन किलो से लेकर किलो तक हो सकता है इसका रंग सफेद और स्लेटी रंग का होता है इसके पंजे काफी नुकीले होते हैं जो किसी भी चीज को अपनी पकड़ में ले लेती है।

कबूतरों की गर्दन बड़ी ही लचीली होती है स्लेटी रंग के कबूतर की गर्दन पर बैंगनी नीले रंग की पट्टी बनी होती है।

कबूतर एक ऐसा पक्षी है जो संसार की सभी जगह पाया जाता है इसे इंसानों के बीच रहना भी ज्यादा पसंद होता है कबूतर को पालतू बनाना बड़ा ही आसान काम होता है।

कबूतरों को हमेशा झुंड में उड़ना पसंद होता है अक्सर कबूतरों को झुंड में उड़ते हुए देखा जा सकता है इनके उड़ने की रफ्तार हमेशा सीधी दिशा में होती है झुंड का मुखिया कबूतर हमेशा आगे उठता है और बाकी कबूतर उनके के पीछे उड़ते हैं।

मादा कबूतर बार में से 10 अंडे देती है जिनमें से छोटे-छोटे बच्चे बाहर आते हैं बच्चों का जन्म महीने के अंदर हो जाता है कबूतर और कबूतरी दोनों मिलकर अपने बच्चों को पालते हैं। लगभग महीने के अंदर कबूतर के बच्चे उड़ना शुरू कर देती हैं।

कबूतर को अपने बच्चों को शिकारियों की नजर से बचा कर रखना पड़ता है अक्सर शिकारी पक्षी कबूतर के बच्चों का शिकार कर लेते हैं और उन्हें मार देते हैं।

जंगलों में भी कबूतर पाए जाते है कबूतर जंगलों में पहाड़ों की बिलों या फिर किसी बड़े पेड़ पर अपना घोंसला बनाकर रहते हैं।

कबूतरों की आसमान में उड़ने की प्रतियोगिताएं भी करवाई जाती है इन प्रतियोगिताओं में कबूतर पूरा दिन आसमान में उड़ते रहते हैं जो कबूतर ज्यादा देर तक आसमान में उड़ता है उस कबूतर को विजेता घोषित कर दिया जाता है।

कबूतर एक शांत एवं सरल स्वभाव का पक्षी है जो दूसरे पक्षियों की तरह जैसे कौवा की तरह कडव पक्षी नहीं होता। अक्षर शिकारियों के द्वारा कबूतरों का शिकार कर लिया जाता है जिस कारण कबूतरों की बड़ी संख्या विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी है इनके रहने के लिए स्थान ना होना भी कबूतरों के विलुप्त होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।

लगातार हो रहे पर्यावरण में परिवर्तन की वजह से भी कबूतर खुद को ऐसे वातावरण में ख़ुद को नहीं ढाल सकते एवं वह असमर्थ महसूस करते हैं जिस कारण उनकी कुछ प्रजातियां विलुप्त हो चुकी है। हमें हमेशा ऐसे सुंदर पक्षी की रक्षा करनी चाहिए और कभी भी इनका शिकार नहीं करना चाहिए।

Essay on Taj Mahal in Hindi ताजमहल पर निबंध

Essay on Taj Mahal in Hindi ताजमहल पर निबंध

 ताजमहल का नाम दुनिया भर के सात अजूबों में लिया जाता है। ताजमहल एक ऐतिहासिक इमारत है। यह इमारत आगरा में स्थित है। ताजमहल को प्रेम का प्रतीक माना जाता है ताजमहल को शाहजहां के द्वारा अपनी पत्नी मुमताज की याद में इसका निर्माण करवाया गया था।

Essay on Taj Mahal in Hindi ताजमहल पर निबंध 


ताजमहल पूरे विश्व की प्रसिद्ध इमारत है हजारों की संख्या में लोग रोजाना इस भव्य इमारत को देखने के लिए पहुंचते हैं। भारत के अलावा अन्य देशों से बी टूरिस्ट इस स्थान को देखने के लिए आते हैं। रोजाना बड़ी संख्या में ताजमहल पर लोगों का तांता लगा रहता है। हर कोई इस इतिहासिक इमारत को नजदीक से देखना चाहता है।

ताजमहल का निर्माण : 1631 सभी के दौरान महान सम्राट शाहजहां के द्वारा अपनी प्रेमिका बेगम मुमताज की याद में करवाया गया था। क्योंकि शाहजहां अपनी बेगम से बेपनाह प्रेम करता था बहुत से एक पल के लिए भी दूर नहीं होना चाहता था। किंतु अचानक उनकी बीमारी के चलते बेगम मुमताज की मृत्यु हो गई।

ताजमहल का निर्माण संगमरमर से करवाया गया था इसकी पूरी इमारत संगमरमर से निर्मित है हर तरफ संगमरमर ही नजर आता है। संगमरमर से बनी जिस दीवार बड़ी ही सुंदर दिखाई देती है। जिस कारण बड़ी संख्या में लोग इस इमारत को देखने के लिए पहुंचते हैं।

Essay on Taj Mahal in Hindi


लगभग 20,000 मजदूरों की कड़ी मेहनत के द्वारा ईसा ताजमहल का निर्माण किया गया था। वहां लगे मजदूरों ने दिन-रात मेहनत के द्वारा इस इमारत का निर्माण किया। ऐसा भी माना जाता है कि जैसे कारीगर ने ताजमहल का निर्माण किया था बाद में उसके हाथ काट दिए गए थे क्योंकि शाहजहां चाहता था कि दुनिया भर में ऐसी दूसरी कोई इमारत ना बन सके।

ताजमहल के चारों तरफ चारमीनार ए बनी हुई है। ताज महल की छत पर देखने पर प्रतीत होता है एक तरफा जमुना का जल बहता है और दूसरी तरफ आगरा का पूरा शहर दिखाई देता है।
ताजमहल के बीच एक कक्ष में मुमताज और शाहजहां की कब्र बनी हुई। क्योंकि शाहजहां की मृत्यु के पश्चात उसकी खबर भी उसकी बेगम के साथ बना दी गई थी। ताजमहल की सभी दीवारों पर कुरान की कलाकृति भी प्रदर्शित की गई है उस पर कुरान भाषा में शब्दावली की गई है।

ताजमहल का निर्माण पूरा होते-होते तकरीबन 20 वर्षों का समय लग गया था ताजमहल आगरा फोर्ट से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में इस भव्य इमारत की शोभा देखने योग्य हो जाती है। ताजमहल आज के समय में भी विदेशी पर्यटकों का आकर्षण केंद्र बना हुआ है।


ताजमहल एक ऐतिहासिक इमारत है जो भारत कि आगरा शहर में स्थित है जी बड़ी ही भव्य इमारतों में से एक है जिसे सात अजूबों में शामिल किया गया है इसका निर्माण सफेद संगमरमर से किया गया था इसे बनाने में तकरीबन 20 साल का समय लग गया था और तकरीबन लाखों मजदूरों की कड़ी मेहनत के द्वारा इसका निर्माण किया गया था।

इस भव्य इमारतों के नजदीक कई सुंदर पेड़ पौधे इसकी सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं इसके चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है लगभग हजारों की संख्या में रोजाना पर्यटक इस भव्य मार्च को देखने के लिए पहुंचते हैं।

भारत के अलावा विदेशों से भी ताजमहल को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं क्योंकि इसकी सुंदरता दूर-दूर से पर्यटकों को अपनी तरफ खींच लेती है। हर कोई ताजमहल को देखना चाहता है।

कारण - ताजमहल को बनाने का मुख्य कारण था कि उस वक्त का एक राजा था जिसका नाम था शाहजहां वह अपनी पत्नी ममता से बेहद प्रेम करता था अचानक उसकी पत्नी मुमताज की हालत बेहद खराब हो जाती है अंत उसकी मृत्यु हो जाती है और शाहजहां उसकी मौत के गहरे सोग में चला जाता है। उससे यह बर्दाश्त नहीं हो पाता।

अंत में उसकी याद में एक भव्य इमारत को बनाने का फैसला लेता है। इस भव्य इमारत को बनाने में वह बहुत सारा धन खर्च कर देता है। आप इसी बात से अंदाजा लगा लीजिए कि इस ताजमहल को बनाने में तकरीबन 20 वर्षों का समय लगा था और इस 20 वर्षों में कितने धन खर्च किया गया होगा।

उस वक्त शाहजहां ने इस भव्य मार्च को निर्माण के लिए देश और विदेश से कई कार्यक्रमों को बुलाया था और बहुत सारे इन कारीगरों में से उन्होंने कुछ विशेष कार्य कर ही चुने थे इस ताजमहल को बनाने के लिए काफी लंबे वक्त के पश्चात ताजमहल का निर्माण हुआ।

इतिहासकारों के अनुसार शाहजहां अक्षरा अपने महल से अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल को निहारते रहते थे उसके महल के पीछे ही ताजमहल का निर्माण करवाया गया था इस कारण ताजमहल के निर्माण के साथ ही शाहजहां और उसकी बेगम मुमताज की जय प्रेम कहानी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध हुई आजकल हम जब भी किसी प्रेमी जोड़े की बात करें तो शाहजहां और उसकी बेगम मुमताज की बात को अक्सर सुनते हुए देखा जा सकता है।

शाहजहां के द्वारा अपनी पत्नी की याद में इस भव्य इमारत का निर्माण करवाया गया था जो देश और विदेश में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हुआ जिसे दुनिया भर के सात अजूबों में भी शामिल कर लिया गया शाहजहां की मृत्यु के पश्चात उसे अपनी बेगम मुमताज की खबर के साथ ही दफनाया गया था आज भी शाहजहां और मुमताज की प्रेम कहानी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है आज दुनिया भर से कई लोग इस ताजमहल को देखने के लिए पहुंचते हैं।

ताजमहल एक ऐतिहासिक इमारत है जो बाहर था कि आगरा शहर में स्थित है जी बड़ी ही भव्य इमारतों में से एक है जिसे सात अजूबों में शामिल किया गया है इसका निर्माण सफेद संगमरमर से किया गया था इसे बनाने में तकरीबन 20 साल का समय लग गया था और तकरीबन लाखों मजदूरों की कड़ी मेहनत के द्वारा इसका निर्माण किया गया था।

इस भव्य इमारतों के नजदीक कई सुंदर पेड़ पौधे इसकी सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं इसके चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है लगभग हजारों की संख्या में रोजाना पर्यटक इस भव्य मार्च को देखने के लिए पहुंचते हैं।

भारत के अलावा विदेशों से भी ताजमहल को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं क्योंकि इसकी सुंदरता दूर-दूर से पर्यटकों को अपनी तरफ खींच लेती है। हर कोई ताजमहल को देखना चाहता है।

ताजमहल को बनाने का मुख्य कारण था कि उस वक्त का एक राजा था जिसका नाम था शाहजहां वह अपनी पत्नी ममता से बेहद प्रेम करता था अचानक उसकी पत्नी मुमताज की हालत बेहद खराब हो जाती है अंत उसकी मृत्यु हो जाती है और शाहजहां उसकी मौत के गहरे सोग में चला जाता है। उससे यह बर्दाश्त नहीं हो पाता।

अंत में उसकी याद में एक भव्य इमारत को बनाने का फैसला लेता है। इस भव्य इमारत को बनाने में वह बहुत सारा धन खर्च कर देता है। आप इसी बात से अंदाजा लगा लीजिए कि इस ताजमहल को बनाने में तकरीबन 20 वर्षों का समय लगा था और इस 20 वर्षों में कितने धन खर्च किया गया होगा।

उस वक्त शाहजहां ने इस भव्य मार्च को निर्माण के लिए देश और विदेश से कई कार्यक्रमों को बुलाया था और बहुत सारे इन कारीगरों में से उन्होंने कुछ विशेष कार्य कर ही चुने थे इस ताजमहल को बनाने के लिए काफी लंबे वक्त के पश्चात ताजमहल का निर्माण हुआ।

इतिहासकारों के अनुसार शाहजहां अक्षरा अपने महल से अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल को निहारते रहते थे उसके महल के पीछे ही ताजमहल का निर्माण करवाया गया था इस कारण ताजमहल के निर्माण के साथ ही शाहजहां और उसकी बेगम मुमताज की जय प्रेम कहानी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध हुई आजकल हम जब भी किसी प्रेमी जोड़े की बात करें तो शाहजहां और उसकी बेगम मुमताज की बात को अक्सर सुनते हुए देखा जा सकता है।

पत्नी  की याद में : हजहां के द्वारा अपनी पत्नी की याद में इस भव्य इमारत का निर्माण करवाया गया था जो देश और विदेश में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हुआ जिसे दुनिया भर के सात अजूबों में भी शामिल कर लिया गया शाहजहां की मृत्यु के पश्चात उसे अपनी बेगम मुमताज की खबर के साथ ही दफनाया गया था आज भी शाहजहां और मुमताज की प्रेम कहानी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है आज दुनिया भर से कई लोग इस ताजमहल को देखने के लिए पहुंचते हैं।


इतिहासिक : ताजमहल एक ऐतिहासिक इमारत है जो बाहर था कि आगरा शहर में स्थित है जी बड़ी ही भव्य इमारतों में से एक है जिसे सात अजूबों में शामिल किया गया है इसका निर्माण सफेद संगमरमर से किया गया था इसे बनाने में तकरीबन 20 साल का समय लग गया था और तकरीबन लाखों मजदूरों की कड़ी मेहनत के द्वारा इसका निर्माण किया गया था।

इस भव्य इमारतों के नजदीक कई सुंदर पेड़ पौधे इसकी सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं इसके चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है लगभग हजारों की संख्या में रोजाना पर्यटक इस भव्य मार्च को देखने के लिए पहुंचते हैं।

भारत के अलावा विदेशों से भी ताजमहल को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं क्योंकि इसकी सुंदरता दूर-दूर से पर्यटकों को अपनी तरफ खींच लेती है। हर कोई ताजमहल को देखना चाहता है।

ताजमहल को बनाने का मुख्य कारण था कि उस वक्त का एक राजा था जिसका नाम था शाहजहां वह अपनी पत्नी ममता से बेहद प्रेम करता था अचानक उसकी पत्नी मुमताज की हालत बेहद खराब हो जाती है अंत उसकी मृत्यु हो जाती है और शाहजहां उसकी मौत के गहरे सोग में चला जाता है। उससे यह बर्दाश्त नहीं हो पाता।

अंत में उसकी याद में एक भव्य इमारत को बनाने का फैसला लेता है। इस भव्य इमारत को बनाने में वह बहुत सारा धन खर्च कर देता है। आप इसी बात से अंदाजा लगा लीजिए कि इस ताजमहल को बनाने में तकरीबन 20 वर्षों का समय लगा था और इस 20 वर्षों में कितने धन खर्च किया गया होगा।

उस वक्त शाहजहां ने इस भव्य मार्च को निर्माण के लिए देश और विदेश से कई कार्यक्रमों को बुलाया था और बहुत सारे इन कारीगरों में से उन्होंने कुछ विशेष कार्य कर ही चुने थे इस ताजमहल को बनाने के लिए काफी लंबे वक्त के पश्चात ताजमहल का निर्माण हुआ।

इतिहासकारों के अनुसार शाहजहां अक्षरा अपने महल से अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल को निहारते रहते थे उसके महल के पीछे ही ताजमहल का निर्माण करवाया गया था इस कारण ताजमहल के निर्माण के साथ ही शाहजहां और उसकी बेगम मुमताज की जय प्रेम कहानी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध हुई आजकल हम जब भी किसी प्रेमी जोड़े की बात करें तो शाहजहां और उसकी बेगम मुमताज की बात को अक्सर सुनते हुए देखा जा सकता है।

शाहजहां के द्वारा अपनी पत्नी की याद में इस भव्य इमारत का निर्माण करवाया गया था जो देश और विदेश में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हुआ जिसे दुनिया भर के सात अजूबों में भी शामिल कर लिया गया शाहजहां की मृत्यु के पश्चात उसे अपनी बेगम मुमताज की खबर के साथ ही दफनाया गया था आज भी शाहजहां और मुमताज की प्रेम कहानी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है आज दुनिया भर से कई लोग इस ताजमहल को देखने के लिए पहुंचते हैं।

ताजमहल का मुख्य गुंबद तकरीबन 60 फीट ऊंचा और 80 फीट तक चौड़ा है ताजमहल में फव्वारे किसी पाइप से नहीं जुड़े हुए बल्कि हर फव्वारे के नीचे दबाव पड़ने पर फव्वारे चलने लगते हैं।

जो कारीगर ताजमहल को निर्माण करने के लिए चुना गया था उसका नाम अहमद लाहौरी था जिसे इराक से चुना गया था किंतु इसके बावजूद भी शाहजहां के द्वारा बहुत सारी कारीगरों को बनाया गया था किंतु उनमें से अहमद लाहौरी को ही इस भव्य इमारत का निर्माण करने के लिए चुन लिया गया था क्योंकि उसकी कलाकृति दुनियाभर में प्रसिद्ध थी।

ताजमहल का निर्माण करते समय उसकी नींव मैं एक विशेष तरह की लकड़ी का प्रयोग किया गया था। दिन के समय ताजमहल को देखने पर इसका रंग गुलाल गुलाबी दिखाई देता है किंतु शाम के वक्त इसका रंग दूधिया सफेद हो जाता है और रात्रि के समय इसका रंग सुनहरा दिखाई देता है।

Essay on Lion in Hindi शेर पर निबंध

Essay on Lion in Hindi शेर पर निबंध

 Essay on Lion in Hindi शेर पर निबंध  - शेर एक मांसाहारी पशु होता है जिसका जीवन काला 20 वर्ष तक होता है यह 20 घंटे सोता है और किलोमीटर तक इसकी दहाड़ सुनाई जा सकती है। शेर भूखा होने पर भी लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है श्रीराम तौर पर शाम के समय ही शिकार करता है यह 40 किलोमीटर से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है शेर का मुख्य आहार बड़े स्तनधारी जीव होते हैं जो जंगल में रहते हैं। दिन में शेर को किलोग्राम से लेकर किलोग्राम तक का मांस की जरूरत पड़ती है लगभग साल की उम्र में मादा शेर प्रजनन करती है।


Essay on Lion in Hindi


शेरनी का गर्भ काल समय लगभग 115 दिनों का होता है मादा शेर एक बार में से लेकर बच्चों को जन्म देती है जिनमें से 80% बच्चे साल की उम्र में ही मर जाते हैं या दूसरी शिकारियों द्वारा मार दिए जाते हैं। शेर का नवजात बच्चा तकरीबन वर्ष तक का अपनी मां का दूध पीता है शेर की लंबाई ऊंचाई लगभग 10 फीट और लंबाई फीट तक हो सकती है।

शेर जंगल का राजा होने के साथ-साथ यह जंगल की शान भी होता है और शेर बहुत ज्यादा लोकप्रिय जानवर होता है यह अपनी सुंदरता और दहाड़ के लिए भी जाना जाता है लगातार इनके शिकार और जंगलों की कटाई की वजह से यह जानवर ब्लॉक तो होने की कगार पर पहुंच चुका है इसलिए सरकार द्वारा इनके शिकार पर रोक लगा दी गई है। इनका शिकार करना कानून के खिलाफ है यदि हम शेरों को नहीं बचा पाएंगे तो हमारे जंगल वीरान हो जाएंगे।

शेर ज्यादातर जंगलों और पहाड़ों में रहना ज्यादा पसंद करता है शेरों को झुंड में रहना ज्यादा अच्छा लगता है एक झुंड का सबसे ताकतवर मुखिया होता है शेर अपने दिन का ज्यादातर समय सोने में ही बता देती है।

10 Lines on Lion in Hindi
  1. शेर जंगल का राजा है।
  2. जंगल के सभी जानवर शेर से डरते हैं।
  3. शेरों को हमेशा झुंड में रहना पसंद होता है।
  4. 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।
  5. 90% शेरनी ही शिकार करती है नर शेर बहुत कम शिकार करते हैं।
  6. शेर को दिन में आराम करना ज्यादा पसंद होता है।
  7. दिन में लगभग 15 से 20 घंटे शेर सोता रहता है।
  8. शेर की दहाड़ को किलोमीटर की दूरी से भी सुना जा सकता है।
  9. शेर ज्यादातर भैंस का शिकार करता है इसके अलावा जो है हिरण और जंगली सूअरों का भी शिकार करता है।
  10. अफ्रीकी शेर एशियाई शेर से बड़े होते हैं।
  11. शेरनी का गर्भधारण समय 110 दिनों का होता है।
  12. शेर हिंसक स्वभाव का जानवर होता है।
  13. शेर एक बार में 10 किलो से 15 किलो तक मांस खा जाता है।
  14. शेर के पंजे गद्देदार होते हैं।
  15. शेर का भजन ढाई सौ किलोग्राम से लेकर 300 किलोग्राम तक होता है।
  16. शेर के पूरे शरीर और चेहरे पर भूरे बाल होते हैं।
  17. नर शेर मादा शेर से आकार में बड़ा होता है
Essay on Goat in Hindi बकरी पर निबंध

Essay on Goat in Hindi बकरी पर निबंध

 बकरी के दो थन होते हैं जिनके द्वारा जे दूध देती है इसके दो छोटे सींग होते हैं किंतु जंगलों में रहने वाली बकरियों के सींग बड़े होते हैं बकरी एक शांत स्वभाव का जानवर होता है बकरी को हमेशा झुण्ड में रहना ही पसंद होता है अंग्रेजी भाषा में बकरी को गोट कहा जाता है बकरी चार टांगों वाला जानवर होता है इसकी टांगे काफी पतली होती है बकरी के बच्चे को मैं मना कहा जाता है एक बार में बकरी एक बच्चे को जन्म देती है जन्म के कुछ घंटों के पश्चात ही इसका बच्चा चलने लगता है।


Essay on Goat in Hindi बकरी पर निबंध 


बकरी पूरे संसार में पाया जाने वाला 4 टांगों वाला जानवर होता है जिसकी एक छोटी सी पूंछ होती है यह बहुत कम मात्रा में दूध देती है बजाए भैंस के किंतु इसका दूध काफी पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है इसके छोटे-छोटे सींग होते हैं यह छोटा सा जानवर होता है यह कुत्ते से थोड़ा सा बड़ा होता है इसके 2 थन होते हैं इसका दूध बच्चों के लिए काफी पौष्टिक दूध माना जाता है यह कई बीमारियों को दूर करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है बकरी का दूध काफी महंगा बिकता है बाजार में इसकी भारी मांग होती है बकरी पूरे संसार में पाया जाने वाला जानवर है यह भारत के अलावा मरी का साउथ अफ्रीका बांग्लादेश पाकिस्तान में सबसे ज्यादा पाया जाता है भारत में इसको बड़े पैमाने पर इसका धंधा किया जाता है भारत में बड़े पैमाने पर जी बकरी पालन का धंधा किया जाता है भारत के गांव में ज्यादातर यह बकरी पालन का धंधा लोगों का रोजगार है।

बकरी के पूरे शरीर पर बाल होते हैं बकरी का रंग ज्यादातर काले रंग का होता है इसके अलावा सफेद भूरे रंग में भी बकरियां पाई जाती हैंबकरियों का मुख्य आहार पेड़ों की हरी हरी पत्तियां होता है इसके अलावा बकरियां झाड़ियां भी खा लेती है जय झाड़ी दर कांटो में लगे हुए पत्तों को भी खा लेती है बकरी पूरी तरह से शाकाहारी पशु होता है जो जंगलों के अलावा घरों में भी पाला जा सकता है इसे पास आने से पालतू जानवर बनाया जा सकता है इसकी खाद बड़ी ही उपयोगी होती है जिन्हें हम खेतों में डाल सकते हैं और अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकती है बकरी जीते जी तो बड़ी ही उपयोगी होती है किंतु मरने के बाद इसकी खाल बड़ी ही उपयोगी होती है की खाल के द्वारा कई प्रकार की वस्तुएं बनाई जाती है जैसे जूते।

बकरी मुख्य रूप से 12 से 15 वर्षों तक जीवित रहती है जीवित रहते हुए यह मनुष्य के लिए काफी उपयोगी होती है जो मनुष्य को काफी दूध देती है जो कि काफी पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है इसमें काफी मिनरल्स भी पाई जाती हैं जो मानव शरीर कोस्वस्थ रखने में काफी उपयोगी होते हैं इसके अलावा इसका दूध बच्चों की बीमारियों को दूर करने के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है कुल मिलाकर बकरी एक बड़ा ही उपयोगी जानवर होता है इस क्यों किसके दूध में काफी मिनरल्स पाए जाते हैं।

संसार भर में बकरियों की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती हैं जो अपने आकार और रंग रूप मेंएक दूसरे से अलग होती है इनकी बहुत सारी प्रजातियां अलग अलग देशों में अलग अलग पाई जाती है यह बड़ा ही उपयोगी पशु होता है इसे हम अपने घरों में आसानी से भी पाल सकते हैं ‌।

बकरी संसार भर में पाया जाता है इसको मनुष्य के द्वारा पालतू जानवर बनाया जाता है प्राचीन काल से ही बकरी को पालतू जानवर के रूप में पाला जाता है क्योंकि मनुष्य को बकरी से दूध। प्राचीन काल से ही मानव बकरी को पालतू पशु के रूप में पालता आ रहा है क्योंकि बकरी से मनुष्य को पोस्टिक दूध हासिल होता है जो कि मनुष्य की बीमारियों को दूर करने के लिए बड़ा ही लाभकारी होता है इसका दूध गाय के दूध जितना स्वस्थ पूर्वक माना जाता है क्योंकि इसमें बीमारियों से लड़ने की भरपूर ताकत होती है और इसमें भरपूर मात्रा में तत्व और मिनरल्स भी पाए जाते हैं।

बकरी को बड़ी ही सरलता से पालतू पशु के रूप में पाला जा सकता है इसके अलावा भारत में बड़े पैमाने पर बकरी पालन का धंधा किया जाता है आजकल भारत में बकरी पालन का धंधा काफी प्रचलित है भारत में गांव में रहने वाले किसान अक्षरा बकरी पालन का धंधा करते हैं और अपनी उपज को बढ़ाते हैं और अपना घर परिवार भी चलाते हैं बकरी पालन के धंधे के द्वारा ही कई लोगों का कारोबार चलता है और उनका कारोबार बढ़ने लगता है बकरी पालन के धंधे के द्वारा अच्छी इनकम भी प्राप्त की जा सकती है आजकल ज्यादातर लोग बकरी और भेड़ पाने का धंधा भी करते हैं भारत में बड़े पैमाने पर ज्यादातर लोग बकरी पालन का धंधा करते हैं।

Essay on Goat in Hindi


बकरी एक ऐसा जानवर होता है जो पूरी तरह से सरकारी होता है जो पत्तियां खाकर अपना पेट भर्ती है यदि आप अब बकरी पालन का धंधा करना चाहते हैं तो इसमें आपको ज्यादा खर्चा करने की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि बकरियां एक शाकाहारी जानवर होती है जो के पेड़ पति उसे अपना पेट भर लेती है इसके लिए आपको कोई खास खर्चा करने का कोई या फिर अन्य तरीके से इन पर खर्चा करने की जरूरत नहीं पड़ती बकरियों को हमेशा झुंड में रहना ज्यादा पसंद होता है आप अक्सर बकरियों को हमेशा झुंड में ही देख सकते हैं जब भी आप किसी बकरी को केले देखते हैं तो वह अपने झूठ को तलाशने की खोज कोशिश करने में आप उसे देख सकते हैं।
बकरी तकरीबन 10 से 15 वर्षों तक ही जीवित रहती है इश्क के चार पैर होते हैं जो के पतले पत्री से होते हैं किंतु इनकी मदद से यही पहाड़ों जाफर चट्टानों पर आसानी से चल सकती है बकरियां पहाड़ों में भी पाई जाती है

पहाड़ों में रहने वाली बकरियां ज्यादातर बड़े आकार की होती है वह हमारी घरेलू बकरियों से थोड़ी बड़ी होती है और उनके पेट भी निकले होते हैं यह बकरियों की सींग भी काफी बड़े बड़े होते हैं वह भी शाकाहारी पशु ही होती है जो बकरियां पहाड़ों में पाई जाती है वह हमेशा झुंड में रहना पसंद करती है।
बकरियों के सुनने की शक्ति काफी तीव्र मानी जाती है हल्की सी आहट भी इन्हें बड़ी आसानी से सुनाई दे देती है इनके कान्हा काफी बड़े-बड़े किंतु नीचे गिरे से होते हैं बकरी की पूंछ शो टीसीटीडी होती है बकरियां अक्सर मेग्ने करती है उनके बच्चे को मैं मना कहा जाता है।

जंगलों में रहने वाली बकरियां अक्सर शेर या फिर अन्य शिकारियों की शिकार हो जाती है वह हमेशा पहाड़ों पर चढ़ना ज्यादा पसंद करती है और उची उची चट्टानों पर आप इन्हें देख सकती हैंबकरियों की बहुत सारी प्रजातियां अलग-अलग देशों में पाई जाती है हमारे देश भारत में भी बकरियों की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती है इनकी अलग-अलग नस्लें अलग-अलग तरह का दूध देती है कोई बकरी ज्यादा दूध देती है तो कोई बकरी कम दूध देती है इसके अलावा बकरियों का जीवनकाल आधार से 12 वर्षों तक होता है इनके नगला के ना सुनो की जीवन काल भी अलग-अलग होता है किसी का जीवनकाल ज्यादा होता है किसी का जीवनकाल कम होता है इसी तरह से इनकी बहुत सारी प्रजातियां देश भर में मौजूद है बहुत सारी प्रसिद्ध नस्ल की बकरियां भी हमारे देश में पाई जाती है और इनका धंधा भी किया जाता है बहुत सारे लोग बकरी पालन का धंधा करते हैं और अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं बकरी लगभग भैंस के मूल्य के बराबर भी मिलती है इनकी बहुत सारी  जो कि बहुत महंगी होती है जो आसानी से नहीं मिलती त्योहारों के दिनों में अक्सर बकरियों की ज्यादा मांग हो जाती है।

बकरी के दूध भैंस के दूध के समान ही होता है किंतु बकरी का दूध थोड़ा हल्का होता है और भैंस का दूध ज्यादा गाढ़ा सा होता है बकरी के दूध से आप पनीर भी निकाल सकते हैं इसके अलावा उसके दूध से आपदा ही भी जमा सकते हैं बकरी का दूध भैंस के दूध के समान ही होता है किंतु बकरी के दूध में पोषक तत्व ज्यादा पाई जाती है बावजूद के भैंस के दूध से भारत में ज्यादातर बकरी और भैंस पालन का धंधा किया जाता है बकरी का दूध काफी महंगा दूध भी होता है बाजार में इसकी काफी मांग होती है बीमारियों को दूर करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है इसका दूध हल्का मीठा होता है।

बकरी एक का इकलौता ऐसा जानवर है जिसे मानव के द्वारा सबसे पहले पालतू जानवर के रूप में पाला गया था।इसके अलावा बकरी को आप उसके नाम से भी बुला सकते हैं किंतु पहले उसे उसका नाम सिखाया जाना जरूरी हैएक बकरी का औसतन जीवन काल समय एक कुत्ते के समान माना जाता है कुत्ते का जीवनकाल है बीता से 15 वर्षों तक होता है जबकि एक बकरी का जीवनकाल भी इतना ही माना जाता है।

बकरी को मानव के द्वारा लगभग 8000 वर्षों पहले से ही पालतू जानवर के रूप में रखा जा रहा है। आप इसी बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि कितने वर्षों पहले से ही मनुष्य से पालतू जानवर के रूप में पालता रहा है।
संसार भर में बकरियों की ऐसी प्रजातियां भी पाई जाती है जिनके नाथू सींग होते हैं और ना ही दाढ़ी होती है किंतु बकरियों की कुछ ऐसी प्रजातियां भी पाई जाती है जिनके सींग और दाढ़ी दोनों होते हैं।


बकरी को झुंड में रहने वाला जानवर होता है जल्दी से जल्द से अलग कर दिया जाए तो यह उदास हो जाती है और अपने झुंड में जाने के बाद जी फिर से खुश दिखाई देती है।
एक बकरी का गर्भकाल समय 5 महीनों का होता है। बकरी एक बार में 2 बच्चों का जन्म दे सकती है इसके अलावा संसार भर में बकरियों की 300 प्रकार की नस्लें पाई जाती है।

Tuesday, June 2, 2020

Monday, June 1, 2020

Suraj Kya Hai ? सूरज क्या है इसकी पूरी जानकारी

Suraj Kya Hai ? सूरज क्या है इसकी पूरी जानकारी

 जब मनुष्य जंगलों में रहता था तभी उसे पता चल गया था के उसका अस्त्तिव ही सूरज के साथ है अगर सूरज है तो उसका जीवन संभव है इसी के चलते प्राचीन समय से ही लोगों ने सूरज को देवता मानते हुए उसकी पूजा करनी आरंभ कर दी थी।
धरती पर रहने वाला सम्पूर्ण जीव - जगत सूरज के कारण ही जीवित है। कोयला , लकड़ी और तेल आदि जैसे इंधनों से जो उर्जा प्राप्त होती है वो सब सूरज के कारण ही है।
तकरीवन साढ़े चार साल पहले सूरज अकेला ही अस्तितिव में नहीं आया था बल्कि ऐसा माना गया है के उसका जन्म जुड़वाँ तारे के रूप में हुआ माना गया है। सूर्य इतना विशाल होने के बाद भी यह ठोस नहीं है सूर्य तो विभिन्न - विभिन्न गैसों का गोला है। सूरज तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। सूर्य भी एक तारा है कई ऐसे तारे भी हैं जो सूर्य से काफी बड़े हैं किन्तु सभी सारे हमारी पृथ्वी बहुत ज्यादा दूर हैं इसीलिए वह छोटे दिखाई देते हैं किन्तु सूरज ही एक ऐसा तारा है जो पृथ्वी के सबसे नजदीक है।
Suraj Kya Hai

सूर्य एक आग का गोला है जिसमें ज्यादातर हाईड्रोजन गैस होती है इसके अलावा सूर्य में सिलिकॉन, सल्फर , मैग्नीशियम ,कार्बन कैल्शियम और क्रोमियम तत्व से बना हुआ है। इसके केंद्र का तापमान लगभग 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। सूर्य सौर मंडल के सभी ग्रहों से कहीं ज्यादा बड़ा है। सभी ग्रह सूर्य के इर्द -गिरध चक्कर लगाते हैं। हमारी धरती भी सूर्य का चक्कर लगाती है।
सूरज पृथ्वी से तकरीवन तीन लाख गुना ज्यादा बड़ा है सूर्य के विशाल आकार की वजय से इसका बहुत बड़ा गुरुत्वाकर्षण बल है।
Suraj Kya hai Poori Jankari
  1. Sun सूर्य मंडल में लगभग 86  प्रतिशत वजन सूर्य का है।
  1. सूर्य की उम्र लगभग 9 बिलियन साल है।
  1. पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 14, 95, 97, 900 किलोमीटर है।
  1. शुक्र ग्रह सूर्य की परिक्रमा 224 . 7 दिनों में करता है।
  1. सूर्य पृथ्वी से लगभग 100 गुना ज्यादा बड़ा एक तारा है और पृथ्वी से लगभग 333, 400 गुना भारी है।
  1. सूर्य का व्यास 14 लाख किलोमीटर है।
  1. अगर सूर्य ( Sun ) को फूटबाल मान लिया जाए तो धरती एक कांच की गोली के समान होगी।
  1. सूर्य की किरणें धरती पर आने के लिए 8 मिनट 17 सेकंड्स का समय लेती हैं।
  1. सूरज ( Sun ) की किरणों की गति 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड्स होती है।
  1. सूर्य से सबसे नजदीक और तेज़ गति का ग्रह बुध ( Mercury ) ग्रह है।
  1. सूर्य हमारी आकाश गंगा के धुरे की परिक्रमा 25 करोड़ सालों में करता है।
  1. सूरज 74 % हाईडरोजन 24 % हीलियम से बना है इसके इलावा सूरज में ओकसीजन , कार्बोन , लोहा , नियोंन भी मौजूद है।
  1. सूरज की बाहरी सतह का तापमान ( Temperature ) 5760 डिग्री सेल्सियस है और सूरज का अंदरूनी तापमान ( Temperature ) 1 करोड़ 50 लाख डिग्री सेल्सियस है।
  1. सूरज ग्रहण तब लगता है जब धरती और सूरज के बीच चन्द्रमा आ जाता है।
  1. पृथ्वी की तरह सूर्य भी कठोर नहीं है क्योंकि सूर्य में भारी मात्रा में गैसें पाई जाती हैं।
  1. सूरज का गुरुत्वा आकर्षण पृथ्वी से 28 गुना ज्यादा है मान लो धरती पर आपका वजन 60 किलोग्राम है तो सूरज पर आपका वजन 1680 किलोग्राम होगा।
  1. सूरज की किरने प्लूटो तक पहुँचने में 5 घंटे 30 मिनट का समय लेती हैं।
  1. सूर्य के अंदरूनी तापमान के एक सेकंड के प्रयोग से पूरे अमेरिका को अगले 38000 सालों तक बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  1. सूर्य की परिक्रमा करने में सबसे ज्यादा समय प्लूटो यानि बौना ग्रह लेता है यह सूर्य की परिक्रमा लगभग 248 सालों में करता है।
  1. मंगल सूर्य ( Sun ) की परिक्रमा 687 दिनों में करता है।
  1. पृथ्वी पर हर साल सूर्य ग्रहण लगता है। साल में ज्यादा से ज्यादा 5 बार सूर्य ग्रहण लग सकता है और यह ग्रहण 7 मिनट 40 सेकंड्स से लेकर 20 तक चल सकता है।