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Essay on Character in Hindi | चरित्र का महत्व पर निबंध

सबसे बडा बल और धन : चरित्र Essay on Character in Hindi
विचारों की नींव पर चरित्र रूपी भवन खड़ा होता है। श्रेष्ठ चिंतन एवं सद्गुणों की संपत्ति से चरित्र बल का निर्माण होता है यही मनुष्य की प्रेरणा का सबल बनता है। परंतु हमारी वर्तमान व्यवस्था आज भी रोटी, कपड़ा और मकान के विकास तक ही सीमित है, केवल भौतिक समृद्धि समाज को शांति के पथ पर नहीं ले जा सकती। समाज में जब तक सात्विक प्रवृत्तियों के माध्यम से चरित्र बल उत्पन्न नहीं होता तब तक सारी भौतिक सुविधाएं व्यर्थ हैं। ऐसी अवस्था समाज को अधोगति की ओर ले जाती है।

दृढ़ चरित्र बल का अभाव राष्ट्र को पतन की ओर अग्रसर कर देता है। चरित्र बल मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। चरित्र निर्माण की प्रक्रिया जन्म से लेकर मृत्यु तक चलती रहती है। चरित्र बल ही मानवीय गुणों की मर्यादा है यह स्वभाव और विचारों की दृढ़ता का सूचक है। आत्मशक्ति के विकास, सम्मान एवं वैभव का सोपान चरित्र बल है।
हमारे देश की स्वर्णिम संस्कृति में चरित्र का महत्व सर्वोपरि है। चरित्र रूपी बल के आगे विश्व की बड़ी बड़ी शक्तियों को भी नतमस्तक होना पड़ता है। स्वामी विवेकानंद जी का भी यही चिंतन…

Guru Gobind Singh Ji Essay in Hindi - श्री गुरु गोबिंद सिंह जी पर निबंध

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श्री गुरु गोबिंद सिंह जी पर निबंध - Guru Gobind Singh Ji Essay in Hindi 
सिखों के 10 वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश संवत 1723 (दिसम्बर 1666 ई.) को श्री गुरु तेग बहादुर जी के घर माता गुजरी जी की कोख से पटना साहिब (बिहार) में हुआ। आप का बचपन का नाम गोबिंद राय था। धर्म प्रचार का दौरा समाप्त होने पर जब गुरु तेग बहादुर जी पंजाब आए तो आपने अपने परिवार को भी पटना से अपने पास आनंदपुर साहिब बुला लिया। यहां गोबिंद राय जी ने धार्मिक विद्या ग्रहण की तथा शस्त्रबाजी में भी निपुणता हासिल की।

कश्मीर के उस समय के गवर्नर इफ्तखार खान ने औरंगजेब के इशारे पर कश्मीर के ब्राह्मणों पर बहुत अत्याचार किए। हिन्दुओं को जबरदस्ती मुस्लिम धर्म ग्रहण करने के लिए विवश किया जा रहा था। जुल्मों से तंग आकर कश्मीरी ब्राह्मणों का एक दल मटन के निवासी पंडित कृपाराम दत्त की अध्यक्षता में गुरु तेग बहादुर जी की शरण में आनंदपुर साहिब में 25 मई 1675 ई. को आया तथा अपने धर्म की रक्षा के लिए पुकार की।
गोबिंद राय जी ने अपने पिता को हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए स्वयं दिल्ली की तरफ रवाना किया। गुरु तेग बहादुरजी गुरुगद्दी श्री…

10 Lines on Winter Season in Hindi

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सर्दी का मौसम बहुत अच्छा और खुशनुमा मौसम है, इस समय ठंडी हवा चलती है, सुबह-शाम नीले आसमान पर कोहरा छाया रहता है। 10 Lines on Winter Season in Hindi 
1 सर्दी का मौसम नवंबर माह में शुरू होकर फरवरी माह तक रहता है। 2 सर्दी के मौसम के दौरान दिन छोटे और रात्रि दिन से बड़ी हो जाती है । 3 सर्दियों में धूप ज्यादा तेज़ नहीं होती इसका असर कम हो जाता है और हवाएं उत्तर दिशा से चलती हैं। 4 इन दिनों में सभी लोग गर्म वस्त्र के स्वेटर, कोट, कंबल,रजाई आदि पहनना आरंभ कर देते हैं। 5 सर्दियों में पाचन शक्ति काफी मजबूत हो जाती है, इसलिए सभी लोग अच्छा खाना खाकर स्वास्थ्य बना लेते हैं। 6 सर्दी के दिनों में ग्रामीण सुबह आग जलाकर ठंड से अपना बचाव करते हैं। 7 इन दिनोंदीपावली,लोहड़ी, क्रिसमस जैसेबड़े त्योहारहैं, जिनका लोग खूब लुत्फउठाते हैं। (8) शरद ऋतु में फल और सब्जियों का उत्पादन अच्छी मात्रा में होता है। 9 दिसंबर और जनवरी के महीनों में ठंड कोहरा बहुत होता है जो कुछ नहीं दिखा। (10) वर्तमान में स्कूल का समय सुबह 10:00बजेसे शाम 4 बजे तक है।




Short essay on Winter Season in Hindi